अंधी भक्ति से बचे..

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अंधी भक्ति से बचे..

हमारी वैदिक संस्कृति में प्रारंभ से ही गुरू को विशेष स्थान दिया गया है। हमारी संस्कृति में प्रत्येक व्यक्ति को अपने लिए गुरू बनाना अनिवार्य बताया गया है। कहते है जिसका गुरू नही होता उसका जीवन निरर्थक है। गुरू ही दुनिया में सच्चाई का रास्ता दिखाने वाला व भगवान की लो जगाने वाला होता है।
क्या आज हम अपना सच्चा गुरू ढूंढ पा रहे है? क्या हम यह जानते है कि सच्चा गुरू कैसा होना चाहिए? सच्चे गुरू की पहचान क्या होती है? नही आज हम सिर्फ भेड़ की चाल चल रहे है। किसी ने हमे बताया वह गुरू बहुत पहुचे हुए है, उनका आश्रम इतना बड़ा हे,उनके इतने अनुयायी है यह सब देख सुनकर ही हम आंख बंद करके उनको गुरू बना लेते है।
इसी तरह आजकल साधु बाबाओ व गुरूओं ने धर्म को रूपये कमाने का धंधा बना लिया है। आज धर्म के नाम पर सभी साधु संतों ने अपनी-अपनी दुकाने खोल रखी है। सभी संतो में प्रतिस्पर्धा लगी हुई है किसके पास सबसे ज्यादा अमीर व राजनैतिक शिष्य है जिनके पास ज्यादा राजनीतिज्ञ शिष्य है वह आज सबसे ज्यादा फेमस बाबा माने जाते है। आजकल के अधिकतर साधु बाबा पूर्णत: भोग-विलास,भ्रष्टाचार,व्यभिचार में लिप्त होकर  अपने धार्मिक भ्रष्ट कार्यो को बढ़ा रहे है।  भोली-भाली जनता भी इन धाॢमक धंधो के बाबाओ को नही पहचान पा रही है। साथ ही वह इन बाबाओं के प्रति अंधी आस्था में लिप्त होते जा रहे है। Read the rest of this entry

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मुस्लिम महिलाओं को मिला न्याय..

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मुस्लिम महिलाओं को मिला न्याय..
२२ अगस्त२०१७ तारीख ऐतिहासिक हो गई है। इस दिन मुस्लिम महिलाओं को तलाक की जिल्लत से आजादी मिल गई है।  सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को असंवैधानिक घोषित कर दिया है। तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट का फेसला भले ही एकमत से न आया हुआ हो लेकिन यह ऐतिहासिक फेसला है। यह फेसला मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की पुष्टि करता है। अब शौहर तीन बार तलाक  बोलकर एकतरफा तौर पर रिश्ता नही तोड़ सकता है।

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बच्चियों को बचाएं माहवारी के तनाव से

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आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपना लोहा मनmahavari-1वा चुकी है। कोई भी ऐसा क्षेत्र नही है जहां महिलाओं का हस्तक्षेप न हो। चांद पर जाने से लेकर लडाकू विमान को उड़ाने तक। इसी तरह बिजनेस क्षेत्र में भी कमान संभाल रखी है। खेल क्षेत्र में भी वह पीछे नही है। हाल ही में रियों ओलम्पिक में सिल्वर मेंडल जीतने वाली सिंधु और कांस्य पदक जीतने वाली साक्षी मलिक को कौन नही जानता है। आज महिलाओ ने हर क्षेत्र में अपना वर्चस्व बना रखा है। आज लड़की और लड़को में कोई अंतर नही समझा जाता है। दोनो को समान शिक्षा व रहन-सहन दिया जाता है।

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